April 10, 2021

UK LIVE

ख़बर पक्की है

उत्तराखंड के पक्षियों में पाया गया H5N8 वायरस, मुख्य H5N1 वायरस से है कम घातक !

उत्तराखंड- प्रदेश में कौव्वों के साथ कबूतरों की मौत के मामले भी अब सामने आने लगे हैं. पशुपालन विभाग ने इनकी सैंपलिंग भी शुरु कर दी है. जानकारी के मुताबिक मृत कौवों की जांच में सामने आने वाला वायरस बर्ड फ्लू के मुख्य वायरस के मुकाबले कम घातक है. हालांकि मंत्री रेखा आर्या ने पशुपालन विभाग को सतर्क कर दिया है.

H5N8 , H5N1 के मुकाबले कम घातक
फाइल फोटो- H5N8 , H5N1 के मुकाबले कम घातक

सभा भवन में हुई समीक्षा बैठक में बर्ड फ्लू के अभी तक के सभी अपडेट सामने आए. पशुपालन अपर निदेशक केके. जोशी ने जानकारी देते हुए बताया, कि गढ़वाल मंडल में मरने वाले कौवों के 250 सैंपलों को ऋषिकेश और कमाऊं मंडल में मरने वाले 250 कौवों के सैंपलों को रुद्रपुर में रखा गया है. भोपाल से आई जांच रिपोर्ट में H5N8 वायरस पाया गया है, जो कि हिमाचल में भी पाया गया है. बताया जा रहा है, कि H5N8 वायरस का इंसानी शरीर में फैलने की संभावनाएं बहुत कम हैं.

भारत में आज तक बर्ड फ्लू से किसी भी शख्स की मौत नहीं
फाइल फोटो- भारत में आज तक बर्ड फ्लू से किसी भी शख्स की मौत नहीं

जबकि हरियाणा में H5N1 वायरस पाया गया है, जो कि बेहद ही खतरनाक बताया जा रहा है. दुनिया भर में अभी तक इंसानों में बर्ड फ्लू के 862 मामले सामने आए हैं, जिनमें से 455 लोगों की मौत भी हुई है. केके. जोशी ने बताया, कि भारत में आज तक बर्ड फ्लू से किसी भी शख्स की मौत नहीं हुई है. साथ ही जिन जगहों से कबूतरों के मरने की खबरे आई हैं, वहां भी सैंपलिंग की जा रही है. इसी के साथ पशुपालन निदेशक ने बताया, कि वैज्ञानिक रुप से ये साबित हो चुका है, कि 70 डिग्री तापमान तक चिकन या अंडा पकाकर खाने में बर्ड फ्लू का कोई खतरा नहीं है. पोल्ट्री फार्म अभी तक सुरक्षित हैं, जिनकी निगरानी की जा रही है.

 उत्तराखंड के पोल्ट्री फार्म फिलहाल सुरक्षित
फाइल फोटो- उत्तराखंड के पोल्ट्री फार्म फिलहाल सुरक्षित

केन्द्र सरकार की गाइडलाइंस के मुताबिक किसी क्षेत्र में अगर H5N1 फ्लू मिलता है, तो उसके एक किलोमीटर दायरे में पक्षियों खासतौर पर पोल्ट्री फार्म में मुर्गियों को मार दिया जाएगा. साथ ही 10 किमी के दायरे में कड़ी निगरानी और सैंपलिंग की जाएगी. बर्ड फ्लू के खतरे के बाद पशुपालन विभाग ने सभी पोल्ट्री फार्मों पर बाहरी लोगों और बाहरी वाहनों का प्रवेश बंद करा दिया जाएगा. पोल्ट्री फार्म में लगे पेड़ों की लॉपिंग कराने के भी निर्देश दिए गए हैं.

बर्ड फ्लू के उत्तराखंड में आगमन के पीछे साइबेरियन पक्षी मुख्य वजह
फाइल फोटो- बर्ड फ्लू के उत्तराखंड में आगमन के पीछे साइबेरियन पक्षी मुख्य वजह

बर्ड फ्लू के उत्तराखंड में आगमन के पीछे साइबेरियन पक्षियों को इसकी मुख्य वजह माना जा रहा है. लिहाजा पशुपालन विभाग ने वन विभाग की मद्द से इन पक्षियों की बीट के सैंपलों की भी जांच की जाएगी. प्रदेश में पक्षियों के मरने का सिलसिला जारी है. डोईवाल और ज्वालापुर से लगातार कौवों की मौत की खबरे आ रही हैं. इसके अलावा राजाजी टाइगर रिजर्व की मोतीचूर रेंज में मृत जंगली मुर्गी मिली. जिसके बाद वनकर्मियों और पशु चिकित्सकों की टीम मौके पर पहुंची मुर्गी के साथ कुछ दूरी पर मिले कौवों के सैंपलों को जांच के लिए भेजा है.

Share, Likes & Subscribe