January 19, 2021

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भारत में जल्द शुरू होगी टीकाकरण की प्रक्रिया, स्वैच्छिक होगा अभियान

नेशनल डेस्क- नई दिल्ली- भारत में कोरोना संक्रमित होने वाले मरीजों की संख्या एक करोड़ को पार कर गई है। इंडियन काउंसिल ऑफ रिसर्च के अनुसार, 19 दिसंबर तक 16,00,90,514 कोरोना वायरस के टेस्ट किये गए। वहीं शुक्रवार को 11,71,868 कोरोना वायरस के टेस्ट किए गए हैं।

कोरोना संक्रमण से बचाव का टीका अब उन्ही को लगेगा, जो व्यक्ति टीके को लगाना चाहेगा।
कोरोना संक्रमण से बचाव का टीका अब उन्ही को लगेगा, जो व्यक्ति टीके को लगाना चाहेगा।

इसी के चलते केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है, कि कोरोना संक्रमण से बचाव का टीका अब उन्ही को लगेगा, जो व्यक्ति टीके को लगाना चाहेगा। भारत के लोगों को जब कोरोना वैक्सीनेशन दिया जाएगा तो ये अपने आप में एक रिकॉर्ड होगा, क्योंकि कोरोना वैक्सीन दुनिया का अब तक का सबसे बड़ा वेक्सीनेशन अभियान होगा।
केंद्र सरकार ने साथ ही ये भी कहा,कि भारत में विकसित होने वाली वैक्सीन किसी अन्य देश में विकसित वैक्सीन की तरह ही प्रभावी होगी। कोरोना के बढ़ते आंकड़ो को देखकर सरकार ने लोगों को सलाह दी है, की उन्हें अपने बचाव के लिए वैक्सीन लगवानी चाहिए और अपनी जिदंगी से किसी तरह का समझौता नहीं करना चाहिए।
कोरोना परीक्षण में पाया गया, कि वैक्सीन की दूसरी खुराक लेने के दो हफ्ते बाद शरीर में कोरोना वायरस को नष्ट करने वाली एंटीबॉडी पैदा हो जाती है और शरीर को इस महामारी से लड़ने में मद्द करती हैं।
मंत्रालय ने कहा, कि देश में वैक्सीन के परीक्षण की प्रक्रिया कई चरणों में है और उम्मीद है, कि ये वैक्सीन जल्द ही भारत में लांच होगी और लोगों को दी जाएगी। इनमें से कुल 6 वैक्सीन अपनी प्रक्रिया पूरी कर रही हैं और जल्द ही वैक्सीनेशन का कार्य भी शुरू हो जाएगा। इनमें भारत बायोटेक और आइसीएमआर, जायडस कैडिला, जेनोवा, ऑक्सफोर्ड, स्पुतनिक वी और बायोलॉजिकल र्ड लिमिटेड द्वारा विकसित की जा रही है।

प्राथमिकता समूह में  50 वर्ष से ज्यादा उम्र के लोग शामिल होगें।
प्राथमिकता समूह में 50 वर्ष से ज्यादा उम्र के लोग शामिल होगें।

स्वास्थ्य मंत्रालय ने जानकारी देते हुए ये भी बताया, कि कैंसर, डायबिटीज हाइपरटेंशन आदि बिमारीयों से जूझ रहे लोग भी कोरोना की वैक्सीन ले सकते हैं। लेकिन इससे पहले उन्हें अपनी और अपनी दवाईयों की जानकारी स्वास्थ्यकर्मी को दर्ज करानी होगी। साथ ही ये भी बताया, कि वैक्सीन सभी लोगों के लिए उपलब्ध होगी, लेकिन ज्यादा खतरे वाले लोगों को सबसे पहले ये वैक्सीन उपलब्ध करवाई जाएगी।
प्राथमिकता समूह में स्वास्थ्यकर्मी, सार्वजनिक स्थानों पर कार्य करने वाले लोग और 50 वर्ष से ज्यादा उम्र के लोग शामिल होगें। और इन लोगों को वैक्सीनेशन के लिए पंजीकरण कराना होगा, जिसे उनके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर भेजा जाएगा जिससे उन्हें किसी तरह की समस्या का सामना न करना पड़े।

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