April 10, 2021

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टीचरों के बाद अब पुलिस की बारी

जुगाड़ी इंस्पेक्टरों और सब इंस्पेक्टरों को बड़ा झटका !

उत्तराखंड- शिक्षकों के बाद अब पुलिस कर्मचारियों की बारी। उत्तराखंड के डीजीपी अशोक कुमार की अध्यक्षता में आयोजित पुलिस स्टेबलिशमेंट कमेटी की बैठक में एक अहम फैसला लिया गया। जिसके तहत उत्तराखंड के चार मैदानी जिले देहरादून, हरिद्वार, ऊधमसिंहनगर और नैनीताल में रह रहे सब इंस्पेक्टर और इंस्पेक्टर अब एक बार में अधिकतम आठ साल तक ही तैनात रहेंगे।

डीजीपी अशोक कुमार की अध्यक्षता में आयोजित पुलिस स्टेबलिशमेंट कमेटी की बैठक में लिए गए अहम फैसले
डीजीपी अशोक कुमार की अध्यक्षता में आयोजित पुलिस स्टेबलिशमेंट कमेटी की बैठक में लिए गए अहम फैसले

पुलिस विभाग के इस फैसले से जुगाड़ी इंस्पेक्टर और सब इंस्पेक्टरों को एक बड़ा झटका लगा है।
डीजीपी अशोक कुमार ने जानकारी देते हुए बताया, कि मैदानी इलाकों में दोनों काडर में तैनाती आठ साल से अधिक नहीं होगी। वहीं पहाड़ी जिले जैसे- टिहरी, पौड़ी, चम्पावत, चमोली, रुद्रप्रयाग, अल्मोड़ा, बागेश्वर, उत्तरकाशी और पिथौरागढ़ में तैनात अफसरों का कार्यकाल चार साल से अधिक नहीं होगा।

पहाड़ी जिलों में तैनात अफसरों का कार्यकाल 4 साल से अधिक नहीं
पहाड़ी जिलों में तैनात अफसरों का कार्यकाल 4 साल से अधिक नहीं

आमतौर पर पहाड़ी जिलों में सालों तक इंस्पेक्टर तैनात रहते थे। चाह कर भी वो मैदानी इलाकों में नहीं आ पाते थे। वहीं अब इस फैसले के बाद सभी काडरों में 31 मार्च तक अनिवार्य रुप से तबादले कर दिए जाएंगे। इस बैठक में कई अन्य फैसले भी लिए गए। जिसमें-
-नॉन डिस्ट्रिक्ट ब्रांच्स में पुलिस के कर्मिकों की नियुक्ति अवधि तीन साल रहेगी, विशेष परिस्थितियों में दो साल की छूट दी जा सकेगी।
-ट्रांसफर के लिए इच्छानुसार तीन विकल्प देने होंगे, जिसमें एक पहाड़ी जिला अनिवार्य रुप से शामिल होगा।
-एक थाने और उसके अधीन पुलिस चौकियों में इंस्पेक्टर, सब इंस्पेक्टर, कांस्टेबल और हेड कांस्टेबल की तैनाती अधिकतम तीन साल की होगी।
-रिटायरमेंट के दो साल पहले अपनी इच्छानुसार किन्हीं तीन जिलों या शाखाओं में तैनात हो सकेंगे।
-45 साल से अधिक आयु वाले कांस्टेबल और हेड कांस्टेबल को उनकी इच्छानुसार उनके गृह जिले में तैनात किया जा सकता है। लेकिन गृह जिलों में नियुक्त कर्मिकों को उनके गृह तहसील और गृह थाने में नियुक्ति नहीं मिल पाएगी।
-अगर कोई पुलिस दम्पत्ति सरकारी सेवा में नियुक्त हों, तो उन्हें एक जिले/नगर में तैनात किया जा सकता है।
इन आदेशों के साथ समय पर प्रमोशन और कई अन्य फैसले भी शामिल हैं। वहीं इन आदेशों का कड़ाई से पालन न होने पर डीजीपी अशोक कुमार ने सख्त कार्यवाही का भी आदेश दिया है।

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