April 10, 2021

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नये सत्र से कम होगा बच्चों के बस्तों का बोझ ?

उत्तराखंड- शैक्षणिक सत्र की शुरुआत के साथ ही उत्तराखंड सरकार ने निजी और सरकारी बच्चों के बस्तों का बोझ हल्का करने की तैयारियां शुरु कर दी है।


साल 2020 में आई नई शिक्षा नीति में सरकार ने रट्टा मारने से ज्यादा बच्चों के सीखने पर जोर दिया है, जिसको देखते हुए पढ़ाई के शैड्यूल के आधार पर ही बच्चों के बस्तों का भार तय किया जाएगा।
शिक्षा मंत्रालय के आदेशों के मुताबिक कक्षा एक से लेकर कक्षा 10 तक के विद्यार्थियों के बस्ते का वजन उनके शरीर के वजन का 10 फीसदी से ज्यादा नहीं होगा वहीं प्री-प्राइमरी बच्चों के लिए बैग लाना अनिवार्य नहीं होगा।


शिक्षा निदेशालय ने केन्द्र शिक्षा मंत्रालय की ओर से आये नए आदेशों का पालन करवाने के लिए सभी जिलों को आदेश जारी कर दिया है वहीं बस्ते का वजन नापने की जिम्मेदारी स्कूलों के प्रधानाचार्यों को सौंपी गई है।
अपर निदेशक प्राथमिक शिक्षा वीएस रावत ने सभी मुख्य शिक्षा अधिकारियों और जिला अधिकारियों को पत्र जारी कर बनाए गए नियमों पर अमल करने को कहा है, जिसके लिए जल्द ही अधिकारियों के साथ एक वर्चूअल कॉन्फ्रेंस करने की बात कही जा रही है।


नेशनल एसोसिएशन फॉर पैरंट्स एंड स्टूडेंट राइट्स के अध्यक्ष आरिफ खान ने कहा कि उनका संगठन कई बार बच्चों के बस्तों का वजन हल्का करने की मांग उठा चुका है। वहीं देहरादून के अभिभावकों का कहना है कि सरकार हर साल बच्चों के बस्तों का वजन हल्का करती है, लेकिन स्कूल इन नियमों का पालन नहीं करता जिसके चलते हमारे बच्चों को अपने वजन से ज्यादा वजन उठाना पड़ता है।

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