April 11, 2021

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कण्वनगरी कोटद्वार होगा कोटद्वार का नया नाम

“कण्वनगरी कोटद्वार” नाम से पहचाना जाएगा कोटद्वार. सीएम ने दी मंजूरी !

उत्तराखंड. देहरादून. राज्य के पौड़ी गढ़वाल ज़िले के प्रवेश द्वार कोटद्वार को अब नया नाम मिल गया है. कोटद्वार को अब इसके नये नाम कण्वनगरी कोटद्वार के नाम से जाना जाएगा. सीएम त्रिवेंद्रसिंह रावत ने कोटद्वार नगर निगम का नाम महर्षि कण्व के नाम पर रखने की स्वकृति दे दी है. fइसलिए अब कण्वनगरी कोटद्वार नाम से पहचाना जाएगा कोटद्वार. सीएम ने दी मंजूरी !

कण्वनगरी कोटद्वार के नाम से पहचाना जाएगा कोटद्वार
कण्वनगरी कोटद्वार के नाम से पहचाना जाएगा कोटद्वार

इतिहास के पन्नों को पलटें तो कोटद्वार महर्षि कण्व की तपोस्थली रही है. इतना ही नहीं कोटद्वार की पहचान भारत ( देश ) के नामदेय चक्रवर्ती सम्राट भरत की जन्स्थली कण्वाश्रम से भी होती है. चक्रवर्ती सम्राट भरत की जन्मस्थली कोटद्वार नगर से निगम मुख्यालय से करीब 14 किलोमीटर दूर ही स्थित है.

आपको बता दें, कि पहले ही कोटद्वार नगर निगम ने कण्वाश्रम से लगे कलाल घाटी का नाम कण्वघाटी के नाम पर रखने का प्रस्ताव भेजा गया था. पिछले साल दिसंबर में ही शासन ने इस नाम पर मुहर लगा दी थी. कोटद्वार के नाम को कण्वनगरी करने की मांग काफी असरे की जा रही थी. जिस पर लंबे वक्त से मंथन चल रहा था. लेकिन साल 2021 में सीएम रावत ने इस प्रस्ताव को अमलीजामा पहनाते हुए इस प्रस्ताव को स्वकृति दे दी. और अब कोटद्वार नगर निगम को कण्वनगरी कोटद्वार के नाम से एक नई पहचान मिल गई है.

इतिहास के पन्नों में कहीं गुम हो चुकी चक्रवर्ती सम्राट भरत की जन्मस्थली और महर्षि कण्व की तपोस्थली को एक बार फिर से जीवित कर दोबारा से इतिहास रचा गया है. जो देश और दुनिया में कोटद्वार को एक नई पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभायेगा.

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