January 28, 2021

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गैरसरकारी स्कूलों पर “सरकार का प्यार” नहीं बंद होगा अनुदान !

उत्तराखंड- सरकार ने गैरसरकारी स्कूलों को एक बड़ी राहत दी है। सरकार ने अब फैसला लिया है, कि प्रदेश में चल रहे गैरसरकारी स्कूलों की अनुदान राशि अब बंद नहीं की जाएगी। अनुदान को खत्म करने के लिए मुख्यमंत्री के पास भेजे गए प्रस्ताव को निरस्त कर दिया गया है। जिसके बाद प्रदेश में चल रहे 65 गैरसरकारी स्कूलों को बड़ी राहत मिली है।

उत्तराखंड में गैरसरकारी स्कूलों को दी जा रही अनुदान राशि को जारी रखने के आदेश
उत्तराखंड में गैरसरकारी स्कूलों को दी जा रही अनुदान राशि को जारी रखने के आदेश

शिक्षा सचिव आर मिनाक्षी सुंदरम ने जानकारी देते हुए बताया, कि शासन ने अशासकीय स्कूलों के अनुदान को समाप्त करने के लिए मुख्यमंत्री के पास एक प्रस्ताव भेजा था। इस प्रस्ताव में वो स्कूल शामिल थे, जिन्हें अनुदान देने के लिए मानकों में छूट दी गई थी। जिसे मुख्यमंत्री की ओर से मंजूरी नहीं दी गई। जिसके बाद इन स्कूलों को पहले की तरह अनुदान राशि मिलती रहेगी।

मुख्यमंत्री ने अनुदान को खत्म करने वाले प्रस्ताव को किया निरस्त
मुख्यमंत्री ने अनुदान को खत्म करने वाले प्रस्ताव को किया निरस्त

इसके अलावा हाल ही में शासन की ओर से अशासकीय स्कूलों की समीक्षा के लिए जारी आदेशों का पालन किया जाएगा। जिसके अनुसार स्कूलों के अनुदान की समीक्षा की प्रक्रिया जारी रहेगी।
बताया जा रहा है, कि प्रदेश में गैरसरकारी स्कूलों के अनुदान को खत्म करने वाले प्रस्ताव से स्कूल के शिक्षकों और कर्मचारियों में काफी गुस्सा था। उनका कहना था, कि स्कूलों को एक बार अनुदान दे दिया गया है, तो अब किसी भी स्थिति में खत्म नहीं किया जा सकता। यदि सरकार ने स्कूलों के अनुदान को खत्म करने वाले प्रस्ताव को पास किया, तो इसका विरोध करते हुए प्रदेश भर में आंदोलन शुरु कर दिया जाएगा।

प्रस्ताव के निरस्त होने पर शिक्षकों ने किया आभार व्यक्त
प्रस्ताव के निरस्त होने पर शिक्षकों ने किया आभार व्यक्त

माध्यमिक शिक्षणेत्तर एसेसिएशन उत्तराखंड ने गैरसरकारी स्कूलों के अनुदान को खत्म करने वाले प्रस्ताव के रद्द होने पर विधानसभा अध्यक्ष, मुख्यमंत्री, शिक्षामंत्री को आभार व्यक्त किया है। इनमें एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष बीडी. सेमवाल, महामंत्री दिनेश गैरोला, शिवप्रसाद भट्ट, आसाराम डोभाल आदि शामिल रहे।
एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष बीएस पंवार और प्रांतीय महामंत्री संजय गर्ग ने कहा, कि प्रधानाचार्य, शिक्षकों और अन्य कर्मचारियों के भविष्य को ध्यान में रखकर ये सकारात्मक फैसला लिया गया है।

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