January 16, 2021

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साइबर सेल ने पुलिस मुख्यालय को भेजे 315 चाइल्ड पोर्नोग्राफी के मामले

“चाइल्ड पोर्नोग्राफी” के शिकंजे में उत्तराखंड !

देश में बलात्कार की घटनाएं कम होने का नाम नहीं ले रही हैं. हर रोज हो रही रेप की घटनाओं के पीछे अलग-अलग चौंकाने वाली वजह सामने आ रही है. इन्हीं में से एक वजह है पोर्न फिल्में.
अक्सर ये सुना गया है, कि रेप करने से पहले उस सख्स ने पोर्न या फोन में ऐसी कोई वीडियो या फोटो देखी है, जो रेप जैसी वारदातों को बढ़ावा देती हैं. देश और दुनिया के आंकड़ें बताते हैं, कि पोर्न देखने वालों में अधिकतर बच्चों को शामिल पाया गया है.

रेप जैसी वारदातों के पीछे पोर्न फिल्मो  बड़ा हाथ
सीसीआरपी ने उत्तराखंड पुलिस को चाइल्ड पोर्नोग्राफी के 315 मामलों की जानकारी दी है

साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल की जानकारी के मुताबिक उत्तराखंड में चाइल्ड पोर्नोग्राफी के मामले बढ़ रहे हैं. जिसके तहत केन्द्रीय गृह मंत्रालय ने उत्तराखंड से संबंधित 315 मामले पुलिस मुख्यालय को भेजे हैं. जिन पर अब बड़े पैमाने पर सत्यापन चल रहा है.
आईटी एक्ट 2009, धारा 67बी के तहत चाइल्ड पोर्नोग्राफी के मामलों में मुकदमा दर्ज किया जाता है. इसी के साथ इसमें आईपीसी की धाराएं 292, 294, 500, और 509 भी शामिल हैं. जिसमें पांच साल तक की जेल और 10 लाख तक के जुर्माने की सजा का प्रावधान है.

चाइल्ड पोर्नोग्राफी के बढ़ते मामलों को देखते हुए नियमों और कानूनों को सख्त किया जा रहा है

इन धाराओं के तहत इन मामलों की शुरुआती जांच में एक मामले पर पिछले दिनों एफआईआर भी दर्ज की गई है, तो वहीं बाकी मामलों के सत्यापन के लिए टीमें बनाई जा रही हैं।
पुलिस मुख्यालय की जानकारी के मुताबिक, गृह मंत्रालय ने चाइल्ड पोर्नोग्राफी पर नज़र रखने के लिए एक पोर्टल भी बनाया था. ये पोर्टल सभी राज्यों में सोशल मीडिया पर नजर रखता है. इस पोर्टल के माध्यम से उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र समेत कई अन्य राज्यों को उनके यहां के चाइल्ड पोर्नोग्राफी की जानकारी दी गई है. वहीं चाइल्ड पोर्नोग्राफी के बढ़ते मामलों को देखते हुए लगातार नियमों और कानूनों को सख्त किया जा रहा है.

रेप जैसी वारदातों के पीछे पोर्न फिल्मो बड़ा हाथ

अधिकारियों ने जानकारी दी है, कि मंत्रालय की इस विंग ने सभी मामलों को उत्तराखंड से संबंधित बताया है. और इस पर कड़ी कार्रवाई के भी आदेश दिए गए हैं. मामलों में सत्यापन के बाद मुकदमा दर्ज किया जाना है. जिसके लिए साइबर सेल को सत्यापन के लिए विशेष निर्देशों के साथ इन मामलों को इनके संबंधित जनपदों में भेजा जा रहा है.
डीआईजी एसटीएफ व पुलिस मुख्यालय के प्रवक्ता निलेश आनंद भरणे ने कहा, कि सीसीआरपी ने उत्तराखंड पुलिस को चाइल्ड पोर्नोग्राफी के 315 मामलों की जानकारी दी है. इन मामलों के सत्यापन के लिए इन्हें इनके संबंधित जिलों में भेजा जा रहा है. बाकी सभी मामलों के लिए विशेष टीमें बनाई जा रही है.

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