February 27, 2021

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जानें क्या होंगी उत्तराखंड की नये बिजली दरें !

उत्तराखंड- उत्तराखंड में बिजली की दरों में किसान, बीपीएल और 100 यूनिट तक बिजली खर्च करने वालों आयोग ने बड़ी राहत दी है. ऊर्जा निगम की ओर से उत्तराखंड विद्दयुत नियामक आयोग को नये दरों का प्रस्ताव भेजा गया है. जिसमें यूपीसीएल ने किसी भी तरह की वृध्दि का प्रस्ताव न रखते हुए, केवल घरेलू दरों में 1.99%, कॉमर्शियल दरों में 4.05%, एलटी उद्दयोग में 2.5%, उद्दयोगों में 5.13 तक वृध्दि का प्रस्ताव भेजा गया है. कुल औसत 4.56% की बढ़ोत्तरी का प्रस्ताव भेजा गया गया है.

ऊर्जा निगम को ये प्रस्ताव पहले 30 नवम्बर तक भेजना था, लेकिन ऊर्जा निगम ऐसा नहीं कर सका. जिसके बाद आयोग ने 31 दिसम्बर तक का समय दिया. लेकिन ऊर्जा विभाग इस बार भी प्रस्ताव भेजने में नाकाम रहा. जिसके बाद आयोग ने हर हाल में 15 जनवरी तक प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए. 

उत्तराखंड विद्दयुत नियामक आयोग को बिजली की नई दरों के लिए भेजा प्रस्ताव
फाइल फोटो- उत्तराखंड विद्दयुत नियामक आयोग को बिजली की नई दरों के लिए भेजा प्रस्ताव

यूपीसीएल ने बोर्ड बैठक का इंतजार किए बिना ही प्रस्ताव पास कर इसे आयोग को भेज दिया. नये प्रस्ताव के मुताबिक बीपीएल और कृषि क्षेत्र में बिजली दरों में किसी भी तरह की कोई बढ़ोत्तरी नहीं की गई है. हर महीने 100 यूनिट तक बिजली खर्च करने वालों पर किसी तरह का अतिरिक्त बोझ नहीं डाला गया है.

जिसके बाद अब आयोग प्रस्ताव का परीक्षण करने के बाद जन सुनवाई कर मार्च के अंतिम हफ्ले में नई दरें जारी करेगा, जो कि 1 अप्रैल से लागू कर दी जाएगी. आयोग बिजली दरों को लेकर लगातार सख्त रुख अपनाए हुए है. इसी के चलते 2018-19 में बिजली की दरों में कोई फेरबदल नहीं किया गया. 2019-20 में भी यही स्थिति रही, जिसके चलते मौजूदा दरों में और अधिक कटौती कर दी गई थी. इस बार यूपीसीएल ने खुद कम से कम वृध्दि का प्रस्ताव भेजा है.

कुल औसत 4.56% की बढ़ोत्तरी का प्रस्ताव
फाइल फोटो- कुल औसत 4.56% की बढ़ोत्तरी का प्रस्ताव

यूपीसीएल की ओर से भेजे गए प्रस्ताव के मुताबिक श्रेणी    वर्तमान     प्रस्तावित         घरेलू      4.44      4.53 कॉमर्शियल    6.38       6.65 उद्दयोग      6.03      6.35  

यूपीसीएल के एमडी नीरज खैरवाल ने बताया, कि उत्तराखंड विद्दयुत नियामक आयोग को प्रस्ताव भेज दिया गया है. बिजली दरों में न्यूनतम वृध्दि का प्रस्ताव भेजा गया है. ताकि बिजली उपभोक्ताओं को किसी तरह का अतिरिक्त भार न उठाना पड़े.

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