March 7, 2021

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डॉ. हेमन्त कुमार को 'साइंटिस्ट ऑफ द ईयर का अवार्ड'

क्या आपके हैं सफेद दाग ? जानिए डॉ. हेमन्त कुमार से इलाज़ !

उत्तराखंड- नैनीताल- सफेद दाग ये नाम सुनते ही लोगों के चेहरे के हाव-भाव बदल जाते हैं। और अगर वो शख्स पास आ बैठे, जिसके सफेद दाग हों तो आज के मॉर्डन जमाने में भी लोग उसके पास बैठने से परहेज़ करते हैं। लेकिन इस सबसे अलग हैं साइंटिस्ट डॉ. हेमन्त कुमार जिन्हें इसी सफेद दाग ने देश और दुनिया में सम्मान दिला दिया है।

सफेद दाग की दवा इजात करने वाले डॉ. हेमन्त कुमार पांडेय को मिला ‘साइंटिस्ट ऑफ द ईयर’ अवार्ड
सफेद दाग की दवा इजात करने वाले डॉ. हेमन्त कुमार पांडेय को मिला ‘साइंटिस्ट ऑफ द ईयर’ अवार्ड

रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन में कार्यरत डॉ. हेमन्त कुमार को सफेद दाग की प्रभावी दवा समेत कई हर्बल उत्पाद तैयार करने के लिए ‘साइंटिस्ट ऑफ द ईयर’ अवार्ड से सम्मानित किया गया है। डीआरडीओ भवन में आयोजित कार्यक्रम में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने डॉ. हेमन्त कुमार पांडेय को दो लाख रुपये की राशि और प्रशस्ति पत्र के साथ ये सम्मान दिया।
डीआरडीओ के वरिष्ठ अधिकारी ने जानकारी दी है, कि हेमन्त कुमार की बनाई सफेद दाग की दवा ल्यूकोस्किन एक आयुर्वेदिक दवा है। जो कि हिमालय क्षेत्र में 10 हजार फुट की ऊंचाई पर पाई जाने वाली विषनाग औषधीय पौधे से तैयार की गई है। ये दवा खाने और लगाने दोनों स्वरुप में उपलब्ध है।

जानकारी के मुताबिक डॉ. हेमन्त कुमार पांडेय की ल्यूकोस्किन के फॉर्मूले को निजी कंपनी एमिल फार्मास्युटिकल्स को स्थानांतरित कर दिया गया है, जो इसे बाजार में बेच रही है। इसके अलावा हेमन्त पांडेय छह दूसरी बिमारियों की दवाओं की भी खोज कर चुके हैं। जिसमें खुजली, दांत दर्द, रेडिएशन से संबंधित आयुर्वेदिक दवाएं शामिल हैं। इनमें से अधिकांश दवाओं के फॉर्मूले को निजी कम्पनियों को ट्रांसफर कर दिया गया है।

सफेद दाग से ग्रसित लोखों लोग उठा रहे हैं, ल्यूकोस्किन को लाभ
सफेद दाग से ग्रसित लोखों लोग उठा रहे हैं, ल्यूकोस्किन को लाभ

डॉ. पांडेय ने अपनी तीन औषधीय उत्पादों की तकनीकी का हस्तांतरण करार चार प्रसिध्द फार्मा कम्पनियों के साथ किया है। जिनमें एमिल फार्मास्युटिकल्स दिल्ली, इंटरनेशनल हर्बल कॉरपोरेशन हरिद्वार, बायोलॉजिकल फार्मास्युटिकल कोट्टयम केरल, और एसआरबी हेल्थ केयर आनंद गुजरात शामिल हैं। डॉ. हेमन्त पांडेय का मानना है, कि इस प्रक्रिया से ये हर्बल प्रॉडक्ट आम आदमी तक आसानी से पहुंचाए जा सकेंगे। ल्यूकोस्किन का लाभ सफेद दाग से ग्रसित लोखों लोग उठा रहे हैं। इस प्रॉडक्ट की बिक्री से दो करोड़ तीस लाख रुपये से अधिक की रॉयल्टी डीआरडीओ को दी जा चुकी है। इसी के साथ डीआरडीओ को अन्य उत्पादों के लिए भी विभिन्न कम्पनियों से पचास लाख से अधिक की रॉयल्टी मिल चुकी है।
एक अनुमान के मुताबिक देश में चार-पांच फिसदी आबादी सफेद दाग की बिमारी से ग्रस्त है। पिछले कुछ सालों में ल्यूकोस्किन नामक दवा ल्यूकोडर्मा या सफेद दाग की प्रभावी इलाज के रुप में सामने आई है। जिसके तहत जानकारी दी जा रही है, कि डॉ हेमन्त कुमार ने ल्यूकोस्किन का नया संस्करण भी तैयार कर लिया है, जो कि जल्द ही बाजार में उपलब्ध होगा।

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