April 20, 2021

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ख़ाकी में इंसान ने मित्र पुलिस को स्मार्ट बनाने की ठानी

ख़ाकी में इंसान ने “मित्र पुलिस” को “स्मार्ट” बनाने की ठानी !

उत्तराखंड- डीजीपी अशोक कुमार ने पदभार संभालते ही स्मार्ट पुलिसिंग पर फोकस करना शुरु दिया है। स्मार्ट पुलिसिंग को दुरुस्त करने के लिए नौ समितियां बनाई गईं थी, जिसमें ट्रैफिक पुलिस, पुलिस कल्याण और आधुनिकीकरण जैसे अहम मुद्दे शामिल थे।

डीजीपी अशोक कुमार ने पद्भार संभालते ही स्मार्ट पुलिसिंग पर जोर दिया
डीजीपी अशोक कुमार ने पद्भार संभालते ही स्मार्ट पुलिसिंग पर जोर दिया

बीते दिनों डीजीपी अशोक कुमार ने इन समितियों के सम्बन्ध में बैठक भी ली थी। इन समितियों में कई प्रस्ताव थे, जिनमें से स्थायी पुलिस, रिंग रोड और जमीन की तालाश, बीट बुक मेंटेनेन्स, ट्रैफिक आई एप्प को और अधिक प्रभावी बनाना, मार्च में आने वाली भर्तियों के लिए आवेदन, फायरमैन की भर्तियों में महिलाओं को मौका, लॉकडाउन में ई-समन की व्यवस्था, गैरसैंण में नई आईटीबीपी बटालियन की स्थापना और उत्तराखंड के बॉर्डर पर 11 नए चेकपोस्ट बनाने के प्रस्ताव शामिल थे।

पुलिस पेट्रोलिंग के लिए 100 स्कॉर्पियो कारों की मांग
पुलिस पेट्रोलिंग के लिए 100 स्कॉर्पियो कारों की मांग

राज्य के नये मुखिया अशोक कुमार अब टूरिस्ट पुलिस को हाईटैक बनाने की भी कोशिश में लगे हैं, जिससे दुर्गम इलाकों में भी पर्यटकों को जल्द से जल्द मद्द पहुंचाई जा सके। वहीं इसमें पीएसी की वर्दी को भी अपग्रेड करने की बात कही जा रही है। जिसमें सामान्य वर्दी में मैदान में पहुंचने वाली पीएसी को अन्य पैरामिलिट्री फोर्स की तरह कॉम्बैट वर्दी देने की बात कही गई है।
जिसके बाद सोमवार को गृह सचिव नितेश कुमार झा ने कुछ मुख्य प्रस्तावों को शासन की ओर से मंजूरी भी दे दी है। वहीं अधिक बजट वाले प्रस्तावों पर डीजीपी और मुख्यमंत्री के बीच इस सम्बन्ध में चर्चा भी हो चुकी है।

डीजीपी अशोक कुमार ने बताया, कि डायल 112 के तहत शहर में काफी गाड़ियां चल रही हैं, लेकिन शहर की स्थिति के हिसाब से वो कम हैं। जिसके लिए 100 स्कॉर्पियों की मांग की गई है। इसी के साथ पीएसी और आईआरबी के सिपाहियों को इंसास राइफल देने की भी बात की जा रही है। वहीं बताया जा रहा है, कि सिटी पुलिस को पिस्तौल देने की तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं।
पुलिस विभाग में किसी भी मामले का खुलासा करने वाली टीम को पैसे दिये जाते थे। लेकिन फंड न होने के कारण यह केवल कागजों में ही दर्ज रह जाता था। जिसके बाद समिति के एक प्रस्ताव के तहत अलग से एक फंड बनाने की मांग की गई है। जिससे यह पुरस्कार अब डीजीपी के हाथों से दिया जा सकेगा।

टूरिस्ट पुलिस और ट्रैफिक पुलिस को हाईटैक करने पर जोर
टूरिस्ट पुलिस और ट्रैफिक पुलिस को हाईटैक करने पर जोर

इसके अलावा सड़क दुर्घटना में घायल लोगों की मद्द करने वाले आम लोगों को भी पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। इस प्रस्ताव के जरिए लोगों के मन से पुलिस का डर खत्म करने की कोशिश की जा रही है।
वहीं पहाड़ों पर तैनात सिपाहियों की समयावधि को बदला जा रहा है। इसमें सिपाहियों को 16 की जगह 8 वर्ष, हेड कांस्टेबल की 12 की जगह 6 वर्ष और सब इंस्पेक्टर के लिए 8 साल की समय सीमा को घटाकर 4 साल कर दिया गया है।

गृह सचिव नितेश कुमार झा ने बताया, कि आने वाले सालों में लोग उत्तराखंड पुलिस का एक नया रुप देख सकते हैं। शासन ने कुछ प्रस्तावों पर चर्चा की है। जिसमें काम करने वाली पुलिस को आरामदायक स्थिति में लाना, भर्तियों में महिलाओं को मौका और साइबर क्राइम पर अंकुश लगाना शामिल है।
डीआईजी अशोक कुमार ने जानकारी दी है, कि मार्च 2021 में 1700 से 1800 पदों के लिए भर्ती होगी जिसमें 50 से 70 पद सब इंस्पेक्टर के हैं। इसके अलावा प्रमोशन सम्बन्धी समस्याओं को भी दूर कर दिया गया है।

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