January 20, 2021

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संतों के बादअब व्यापारियों में दिखी नाराजगी

संतो के बाद व्यापारियों में नाराजगी !

उत्तराखंड- हरिद्वार- कोरोना के प्रसार को देखते हुए राज्य सरकार ने एक आदेश जारी किया है. जिसके तहत 120 दिन तक चलने वाले कुंभ को 48 दिनों में सकुशल सम्पन्न करने के निर्देश दिए है. राज्य सरकार के इस फैसले पर लोगों का मिला-जुला रिस्पॉन्स देखने को मिल रहा है. अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के महंतों ने इस फैसले का स्वागत किया है. हालांकि, उन्होंने राज्य सरकार से आग्रह किया है, कि सभी तैयारियों और सुविधाओं को भव्य तरीके से सुनिश्चित किया जाए जैसा कि पूर्ण कुंभ मेले के लिए किया जाता है.

120 दिन चलने वाले कुंभ को घटाकर 48 दिनों का किया गया
120 दिन चलने वाले कुंभ को घटाकर 48 दिनों का किया गया

वहीं पुजारी, व्यापारी, होटल व्यापारी, टूर ऑपरेटर और विक्रेता संघों का एक वर्ग इस फैसले से दुखी नजर आया. क्योंकि महाकुंभ का असर उनकी आजीविका पर भी पड़ता है. अखाड़ा परिषद के महासचिव महंत हरि गिरी ने बताया, कि दो महीने पहले ही ये स्पष्ट कर दिया गया था, कि महाकुंभ को भव्य और दिव्य रुप से कराया जाएगा इसका निर्णय कोविड-19 के प्रसार को देखते हुए लिया जाएगा. और वही अखाड़ों को भी स्वीकार्य होगा. कुंभ में कार्यरत व्यापारी कार्यकाल को कम करने से मायूस हैं, उन्हें ये डर सता रहा है, कि कहीं दूसरी चीजों पर भी सरकार प्रतिबंध न लगा दे. क्योंकि इसका सीधा असर उनके व्यवसाय और आजीविका पर पड़ेगा.

कुंभ के दिनो को कम करने से व्यापारियों में गुस्सा
कुंभ के दिनो को कम करने से व्यापारियों में गुस्सा

प्रांतीय उद्योग व्यापार मंडल के सचिव संजय त्रिवाल का कहना है, कि पिछले आठ महीनों में व्यापारियों को लॉकडाउन और अन्य प्रतिबंधों के चलते काफी नुकसान उठाना पड़ा है. कुंभ 12 सालों में एक बार आता है. और कुंभ के चार महीनों के दौरान हजारों व्यापारी तीर्थयात्रियों पर निर्भर रहते हैं. कुंभ के दिनों को कम करने से लोगों में ये संदेश जाएगा कि, कुंभ सुरक्षित नहीं है. जिससे कम लोग कुंभ में पहुंचेंगे और व्यापारियों को इससे नुकसान होगा. हम इस बात का विरोध करेंगे और हो सके तो आंदोलन का भी सहारा लिया जाएगा, क्योंकि ये कुंभ की परम्परा में अनुचित बदलाव है. प्रख्यात अखाड़ा और कुंभ के पर्यवेक्षक महेश पारिख ने इस विषय पर टिप्पणी करते हुए कहा, कि आज से पहले हरिद्वार में कोई भी कुंभ युध्द, महामारी या आपदा के चलते बंद नहीं करवाया गया. लेकिन 2021 में होने वाले कुंभ में ये पहली बार होगा.

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