April 10, 2021

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वैक्सीनेशन के लिए कराना होगा ‘सत्यापन’ जानिए कैसे!

नेशनल डेस्क- नई दिल्ली- भारत में कोरोना वैक्सीन का लोगों को बेसब्री से इंतजार है तो बस अब वैक्सीन की मंजूरी और टीकाकरण अभियान शुरू होने का। केंद्र सरकार ने इस अभियान को लेकर तैयारियां ज़ोरो से शुरू कर दी हैं। साथ ही इस अभियान को लेकर कुछ दिशा निर्देश जारी किए हैं। केंद्र सरकार के आदेशों के मुताबिक हर राज्य में अलग अलग टीकाकरण बूथ या केंद्र बनाए जाएगें।

वैक्सीनेशन अभियान को लेकर तैयारियां
वैक्सीनेशन अभियान को लेकर तैयारियां

एक बूथ में रोज़ाना अधिकतम 200 लोगों को टीके लगाए जा सकेंगे। इन केंद्रों में कई तरह की तैयारियां की गई है। जिसमें लोगों के लिए तमाम सुविधा भी होगी। जिसमें लोगो को किसी तरह की परेशानी का सामना ना करना पड़े। टीके के लिए एक एप भी तैयार किया जा रहा है। जिसमें टीका लगवाने से पहले लोगों को रजिस्ट्रेशन कराना होगा। वैक्सीनेशन के लिए लोगो को अपना आई-डी प्रूफ यानी फोटो आईडी से सत्यापन के बाद ही इन केंद्रों पर टीके लगाए जाएंगें।
वैक्सीनेशन के बाद प्रत्येक व्यक्ति 30 मिनट तक डॉक्टरो की निगरानी पर रहेगा। जिससे ये पता लगाया जा सके कि, उसे वैक्सीन का गलत प्रभाव तो नहीं हो रहा। पहले हर एक बूथ पर 100 लोगों को वैक्सीन लगाने की अनुमति थी, लेकिन स्वास्थ्य अधिकारियों की जानकारी के मुताबिक अगर लोगों के लिए पर्याप्त रख-रखाव की सुविधा केंद्र में होगी तो एक दिन में 200 लोगों का भी टीकाकरण किया जा सकेगा। जिन लोगों ने वैक्सीन के लिए पहले से ही रजिस्ट्रेशन करवाया हुआ है, उन्हें किसी भी केंद्र में अन्य लोगों की तरह प्राथमिकता दी जाएगी।

प्रत्येक व्यक्ति 30 मिनट तक डॉक्टरो की निगरानी में रहेगा
प्रत्येक व्यक्ति 30 मिनट तक डॉक्टरों की निगरानी में रहेगा

जानकारी के मुताबिक पहले चरण में देशभर में 30 करोड़ लोगों को वैक्सीन की पहली खुराक दी जाएगी। किसी भी व्यक्ति का केंद्र पर रजिस्ट्रेशन नहीं किया जाएगा।
इसी के चलते ब्रिटेन के स्वास्थय मंत्री मैट हैंकॉक ने कहा है कि, देश में कोरोना वायरस के एक नए प्रकार की पहचान की गई है, जो इंग्लैंड के दक्षिण पूर्व इलाकों में काफी तेजी से फैल रहा है। उन्होंने सोमवार को हाउस ऑफ कॉमन्स में कहा कि, कोरोना वायरस के नए प्रकार सार्सकोव2 (Sarscov2) के अब तक 1000 से ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं। उन्होंने कहा, अभी तक ऐसा कुछ भी नहीं है जो ये बता सके, कि सार्सकोव-2 ज्यादा गंभीर बीमारी का कारण बन सकता है। ताजा चिकित्सकीय सलाह के मुताबिक इस बात की संभावना न के बराबर है, कोरोना वायरस के इस नए प्रकार पर देश में लोगों को लगाई जा रही वैक्सीन का प्रभाव न पड़े।

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