February 26, 2021

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जूना अखाड़ा महामंडलेश्वर वीरेंद्रानंद गिरी महाराज

भव्य होगी ध्वजा स्थापना और पेशवाई यात्रा “महामंडलेश्वर वीरेंद्रानंद गिरी” जूना अखाड़ा !

उत्तराखंड, हरिद्वार कुंभ 2021, कुंभ की तैयारियों में जहां प्रशासन काम पूरा कराने की होड़ में लगा है, वहीं अब अखाड़े भी सभी धार्मिक आयोजनों को वक्त पर करने की तैयारियों में जुटे हैं. श्री पंचदशनाम जूना अखाड़ा और अग्नि अखाड़ा ने पेशवाई की तैयारियां शुरू कर दीं हैं. पेशवाई यात्रा चार मार्च को निकाली जाएगी. पेशवाई यात्रा में कुमांऊनी और गढ़वाली दोनों ही संस्कृतियों की मिली जुली छाप देखने को मिलेगी. पेशवाई यात्रा हाथी, घोड़ों और रथों पर भव्य रूप में निकाली जाएगी. जिसमें अखाड़ों के सभी आचार्य, महामंडलेश्वर और संत शामिल होंगे.

⦁ महत्वपूर्ण तिथियां –
⦁ जूना अखाड़ा के महामंडलेश्वर और सत्कर्मा मिशन के संस्थापक स्वामी वीरेंद्रानंद गिरि ने जानकारी देते हुए बताया कि पेशवाई और धर्मध्वजा स्थापना की तिथियां घोषित कर दी गई हैं.

महत्वपूर्ण तिथियां हुईं घोषित
महत्वपूर्ण तिथियां हुईं घोषित

. 27 फरवरी को धर्मध्वजा स्थापित की जाएगी.
⦁ 3 मार्च को जूना, अग्नि और आह्वान अखाड़ा की धर्मध्वजा स्थापित की जाएगी.
⦁ 4 मार्च को सुबह 11 बजे जूना और अग्नि अखाड़े की पेशवाई ,कांगड़ी प्रेमगिरि आश्रम से निकाली जाएगी.
⦁ 5 मार्च को आह्वान अखाड़े की पेशवाई निकाली जाएगी.

जूना अखाड़ा महामंडलेश्वर वीरेंद्रानंद गिरि महाराज
जूना अखाड़ा महामंडलेश्वर वीरेंद्रानंद गिरि महाराज

जूना अखाड़े के महामंडलेश्वर वीरेंद्रानंद गिरी ने जानकारी देते हुए बताया कि जूना और अग्नि अखाड़े की पेशवाई भव्य होगी. जिसमें हाथी , घोड़े रथों के साथ उत्तराखंड के पारंपरिक वाद्य यंत्रों ढोल ढमाऊं, हुड़का और रणसिंघा की धुन पर बजते बैंड बाजे और लोक-संस्कृति की छटा देखने को मिलेगी. तो वहीं कुंमाऊंनी छोलिया नृत्य से भी यात्रा की शान बढ़ेगी. पेशवाई यात्रा करीब 6 बजे जूना अखाड़ा की छावनी में प्रवेश करेगी.

फाइल फोटे - पेशवाई यात्र होगी भव्य और यादगार - महामंडलेश्वर वीरेंद्रानंद गिरि महाराज, जूना अखाड़ा
फाइल फोटे – पेशवाई यात्र होगी भव्य और यादगार – महामंडलेश्वर वीरेंद्रानंद गिरि महाराज, जूना अखाड़ा

सबसे खास होगी हेलीकॉप्टर से 5 क्विंटल गुलाब के फूलों की बारिश. तो वहीं पेशवाई यात्रा की सुरक्षा के लिए दो ड्रोन तैनात रहेंगे. इसके अलावा पेशवाई यात्रा को और भव्य बनाने के लिए रामपुर के ऊँट और हाथी पेशवाई की शान बनेंगे.

पेशवाई यात्र में किन्नर अखाड़ा की आचार्य महामंडलेश्वर डॉ. लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी भी जूना अखाड़ा पेशवाई यात्रा में शामिल होंगी. किन्नर अखाड़े की महामंडलेश्वर डॉ. लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी की टीम अभी से पेशवाई की तैयारियों में जुट गई है.

फाइल फोटो - किन्नर अखाड़ा महामंडलेश्वर डॉ. लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी
फाइल फोटो – किन्नर अखाड़ा महामंडलेश्वर डॉ. लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी

वहीं दूसरी ओर पंचायती अखाड़ा निरंजनी के अहाते में 18 मणियों के ठहराने के इंतज़ाम के लिए छावनी बनाने का काम शुरू हो गया है. इसके लिए निरंजनी अखाड़ा के कुंभ मेला प्रभारी श्रीमहंत रविंद्रपुरी ने संतों के साथ भूमि आवंटन के लिए पैमाइश करवाकर जल्द ही छावनी निर्मा कार्य को पूरा करने के निर्देश भी दिये. तो वहीं जमात के लिए एसएमजेएन पीजी कॉलेज में भी छावनी निर्माण हो रहा है. यहीं से पेशवाई शुरू होगी और निरंजनी अखाड़े में पहुंचेगी.

कुंभ मेले की तैयारियों का जायज़ा लेते संत
कुंभ मेले की तैयारियों का जायज़ा लेते संत

हालांकि कुभ की सरकारी तिथि 1 अप्रैल से 28 अप्रैल ही है लेकिन जानकारी मिली है कि कुंभ मेले के दौरान मार्च और अप्रैल महीने तक सभी 18 मणियों के संत छावनियों में ठहरेंगे. जबकि कुंभ मेले के दौरान श्रीमहंत और महंत पक्के मकानों में नहीं बल्कि जो शिविर तैयार किये जा रहे हैं उन्हीं में निवास करेंगे.

मॉस्क लगाकर संत होंंगे शामिल
मॉस्क लगाकर संत होंंगे शामिल

जानकारी के मुताबिक अखाड़े के तकरीबन 50 महामंडलेश्वरों के कुंभ मेले में पहुंचने की उम्मीद है. जिनके ठहरने की व्यवस्था आश्रम में नहीं बल्कि दादू बाग कनखल, जगजीतपुर, आईटीआई के पास, जगजीतपुर अखाड़ा के पास शिविर बनाए जा रहे हैं उनमें होगी. श्रीमहंत राम रतन गिरि ने जानकारी देते हुए ये भी बताया कि पंचाय़ती अखाड़ा श्री निरंजनी में बन रहीं छावनी में 9 मणि एक तरफ और इतनी ही मणि दूसरी तरफ होंगी.

इस सबके अलावा जूना अखाड़ा के महामंडलेश्वर और सत्कर्मा मिशन के संस्थापक स्वामी वीरेंद्रनंद गिरी ने एक और महत्वपूर्ण जानकारी दी है. ये जानकारी इसलिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि कुंभ मेले का आयोजन कोविड-19 महामारी के बीच हो रहा है. और कुंभ के चलते हरिद्वार नगरी में लाखों श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद कगी जा रही है. जिसको देखते हुए जूना अखाड़े की पेशवाई में सभी संत मॉस्क पहनेंगे. और जो एक तरह से कोविड बचाव का संदेश भी होगा. जूना अखड़ा के महामंडलेश्वर वीरेंद्रानंद गिरि महाराज ने कहा कि इस बार जूना अखाड़े की धर्म ध्वजा से लेकर पेशवाई यात्रा बहुत खास और उत्तराखंड की संस्कृति को अपने में समेटे हुए होगी. जो दुनियाभर में देवभूमि उत्तराखंड की अहमियत का प्रचार प्रसार करेगी.

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