March 3, 2021

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बर्ड फ्लू के चलते गुलदार के मजे, ‘चिकन’ के बदले खाएगा ‘मटन’!

उत्तराखंड – राज्य में वर्ड फ्लू के मामलों में लगातार बढ़ोत्तरी हो रही है. एक के बाद एक पंक्षियों के मरने की खबरें आ रही हैं. इसी कड़ी में अब हरिद्वार में भी बर्ड फ्लू ने दस्तक दी है. जिलाधिकारी रवि शंकर ने जानकारी दी है, कि वन प्रभाग को अभी तक 14 पक्षी मृत मिले हैं। 12 जनवरी को वन विभाग को जिले के अलग-अलग स्थानों से चार कौवें मृत हालत में मिले थे. जिनके सैंपल को बर्ड फ्लू की जांच के लिए भोपाल भेजा गया था। इनमें से एक कौवें के सैंपल में बर्ड फ्लू की रिपोर्ट पाॅजिटिव आई है. जोकि रोशनाबाद स्पोर्ट्स स्टेडियम से मिला था.

हरिद्वार में मिला बर्ड फ्लू का पहला केस
फाइल फोटो- हरिद्वार में मिला बर्ड फ्लू का पहला केस

12 जनवरी को ही पशुपालन विभाग ने रूड़की और नारसन की पोल्ट्री फार्म से भी सैंपल लिए थे, पोल्ट्री फार्म और पालतू बत्तखों के 54 सैंपलों को बरेली भेजा गया था. , इन सबकी रिपोर्ट भी निगेटिव आई है.

जिलाधारी ने जानकारी देते हुए बताया, कि एक मामला सामने आने के बाद जनपद ने 16 रैपिड रेस्पाॅस टीम, जिसमें पशु चिकित्साधिकारी, पशु फार्मासिस्ट, पशुधन प्रसार अधिकारी और वैक्सीनेटर या पशुधन सहायक को हिस्सा बनाया गया है. टीम के लोगों का काम सिर्फ सैंपल लेना नहीं, बल्कि लोगों को सतर्क करना भी है. जिलो में प्रचार -प्रसार के लिए बैनर और होर्डिंग्स भी लगेंगे. साथ ही हेल्पलाइन नंबर भी दिया जाएगा. जिस पर बर्ड फ्लू से संबंधी कोई भी जानकारी दे सकते हैं। खबर मिलते ही टीम सैंपल लेने पहुँच जाएगी, और तुरंत जरूरी कदम उठाए जाए।

 मुर्गियों की संदिग्ध मौत से जिले में हड़कंप
फाइल फोटो- मुर्गियों की संदिग्ध मौत से जिले में हड़कंप

मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डा. योगेश भारद्वाज का कहना है, कि रोशनाबाद स्पोर्ट्स स्टीसम में मिले कौवे की रिपोर्ट के बाद उस क्षेत्र के आस-पास के मुर्गी फामों की खोज शुरू कर दी गई है.

जिन जिलों में बर्ड फ्लू के केस सामने आए हैं, वहां जिलाधिकारी ने मुर्गें लाने पर रोक लगा दी है. इसके बाद भी अगर कोई ऐसा करता पाया जाता है, तो उसके खिलाफ कड़ी कारवाई होगी. ज़िलों में चिकन बेचने वालों की दुकानों में मुर्गों की सैंपलिंग का काम जल्द शुरू किया जाएगा.

कौवें के सैंपल में बर्ड फ्लू की रिपोर्ट पाॅजिटिव
फाइल फोटो- कौवें के सैंपल में बर्ड फ्लू की रिपोर्ट पाॅजिटिव

जिलाधिकारी ने गंगा नदी के किनारों और आस-पास के गांवों के मुर्गी फार्मो पर नज़र रखने को कहा है. बाहर से आने वाले पक्षियों में फ्लू के प्रभाव हो सकते हैं, इसलिए गंगा नदी और तालाबों पर खास ध्यान दिया जाएगा. डीएफओ नीरज शर्मा का कहना है, कि हर रेंज में टीमों का इतज़ाम कर दिया गया है।

वन विभाग का कहना है, कि बर्ड फ्लू के चलते चिड़ियापुर रेस्कयू सेंटर में रह रहे नौ गुलदारों को अब चिकन नहीं मिलेगा. उन्हें मटन से काम चलाना होगा. अब गुलदार को तीन दीन मटन और तीन दीन भैंस का मास खिलाया जाएगा।

मरी हुई मर्गियों के सैंपलों की होगी जांच
फाइल फोटो- मरी हुई मर्गियों के सैंपलों की होगी जांच

भिलंगना ब्लाक के धोपड़धार में मगरू गांव के एक मुर्गी खाने में 100 मुर्गीयां बिमार हैं, जिनकी बिमारी का कारण पता नहीं चला हैं. मुर्गी पालक शिवशरण ने बताया, कि शनिवार रात मुर्गीयों को दाना देकर वो घर लौटे थे, और रविवार को सुबह जाकर देखा तो सारी मुर्गियां मरी पड़ी थी। तहसीलदार रेनू सैनी का कहना है, कि मुर्गियों के सैंपल भेज दिये गये हैं, मौत की वजह का पता रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा.

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