January 21, 2021

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पहले चरण का ट्रायल कामयाब, नहीं दिखा कोई दुष्प्रभाव !

नेशनल डेस्क- नई दिल्ली– भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद(आइसीएमआर) के सहयोग से भारत की स्वदेशी कोरोना वैक्सीन ‘कोवैक्सीन’ के क्लीनिकल ट्रायल के प्रथम चरण के परिणाम सामने आ गए हैं। इस ट्रायल को सुरक्षित और प्रभावी पाया गया है। इसमें कोई भी गंभीर या प्रतिकूल प्रभाव सामने नहीं आया है। इस परिणाम ने लोगों के साथ- साथ कंपनी को भी राहत दी है।
एक प्रीप्रिंट सर्वर मेड्रैक्सिव पर आए निष्कर्षों के मुताबिक, कोविड-19 से स्वस्थ हुए मरीजों से एकत्रित किए गए लार पर वैक्सीन ने अपने मजबूत असर दिखाए हैं और एंटीबॉडी प्रतिक्रियाओं को बेअसर कर दिखाया है।

वैक्सीन ने अपने मजबूत असर दिखाए
वैक्सीन ने अपने मजबूत असर दिखाए

जानकारी के मुताबिक पहले वैक्सीनेशन के बाद कुछ प्रतिभागियों में इसके हल्के और काफी मध्यम किस्म का प्रतिकूल असर दिखा, पर वो तुरंत ठीक भी हो गए। इसके लिए किसी भी तरह की दवा देने की जरूरत नहीं पड़ी।
दूसरी खुराक के बाद भी इसी तरह की प्रवृत्ति देखी गई। इसमें बताया गया, कि वैक्सीन को दो से आठ डिग्री सेल्सियस के बीच तापमान पर रखा गया है। राष्ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रम के तहत इसी तापमान पर अलग अलग टीकों को रखा जाता है। जो सभी राष्ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रम कोल्ड चेन की आवश्यकताओं के अनुरूप हैं, और जिससे आगे प्रभावी परीक्षण होते हैं।

वैक्सीनेशन सुरक्षित और प्रभावी पाया गया
वैक्सीनेशन सुरक्षित और प्रभावी पाया गया

भारत बायोटेक दुनिया की वह वैक्सीनेशन कंपनी है, जिसके पास जैव सुरक्षा स्तर-3 उत्पादन सुविधा हैं। पिछले महीने वैक्सीशन का तीसरा चरण शुरू किया था, जिसका ट्रायल अभी भी चल रहा है।
एम्स के एक वरिष्ठ डॉक्टर ने बुधवार को बताया, कि जब पहला चरण का परीक्षण शुरू हुआ था, तो हम 100 स्वयंसेवक चाहते थे और हमें 4500 से अधिक आवेदन प्राप्त हुए थे। दूसरे चरण में, हम 50 चाहते थे और 4000 आवेदन प्राप्त किए। तीसरे चरण में, अब जब 1500- 2000 प्रतिभागी चाहते थे, तो हमें केवल 200 प्रतिभागियों के आवेदन मिले हैं।
प्रोफेसर डॉ. संजय राय ने बताया, कि अब ऐसा इसलिए हो रहा है क्योंकि लोग सोच रहे हैं, कि जब एक वैक्सीन जल्द ही सभी के लिए आ रहा है तो स्वयंसेवक पर परीक्षण की जरूरत ही क्या है।
भारत बायोटेक की संयुक्त निदेशक सुचित्रा इला ने बीते दिनों उम्मीद जताई थी, कि सुरक्षा और क्षमता के आंकड़ों के साथ कोवैक्सीन अगले साल 2021 के तीसरे महीने में भारत सरकार को उपलब्ध करा दी जाएगी।

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