March 3, 2021

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बजट में सरकारी कंपनियों की सेल

कोरोना बजट में पूंजिपति माला-माल, OLX बना बजट ?

नेशनल , बजट , सोमवार को देश की वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने देश का दमदार बजट पेश किया. दमदार मतलब, कि देश की आर्थिक स्थिति मजबूत करने वाला बजट. एक ऐसा बजट जिसमें देश की वित्त मंत्री ने जमकर सेल लगाई. दर्सल केंद्र सरकार ने नये वित्त वर्ष के लिए 2 लाख करोड़ रुपए विनिवेश के तौर पर जुटाने का लक्ष्य रखा है. ये लक्ष्य पिछले साल की बात करें तो उससे तकरीबन 35 हज़ार करोड़ रुपे कम है. सरकार ने पिछले वित्तीय वर्ष यानि 2020-21 के लिए 2.1 लाख करोड़ रुपे विनिवेश के ज़रिए जुटाने की घोषणा की थी. मतलब ये कि कोरोना बजट में पूंजिपति माला-माल, OLX बना बजट !

वित्त मंत्री की माने तो सरकार के पास 1.75 लाख करोड़ रुपे जुटाने का पुख्ता प्लान है. बजट की घोषणा के वक्त ये साफ किया गया, कि कुछ सरकारी कंपनियों में विनिवेश को लेकर फैसले किये जा चुके हैं. जो अगले वित्त वर्ष में पूरे हो जाएंगे. तो अब सवाल ये उठता है कि वो सरकारी कंपनियां हैं कौन-कौन सी जिन्हें लेकर सरकार फैसले ले चुकी है.

विनिवेष के ज़रिए सरकार जुटाएगी 1.75 लाख करोड़ रुपे !
विनिवेश के ज़रिए सरकार जुटाएगी 1.75 लाख करोड़ रुपे !

वित्त मंत्री के मुताबिक अगले वित्तीय साल में एअर इंडिया, वीपीसीएल, एसीआई और कॉनकोर के विनिवेश पर मुहर लग सकती है. एलआईसी की आईपीओ भी अगले वित्तीय साल में लाने का प्लान है. IDBI भी विनिवेश होगा. इसके अलावा शेयर बाज़ार में भी तेजी को देखते हुए सरकार CPSE से कुछ हिस्सेदारी भी OFS यानि ऑफर फॉर सेल के जरिए बेंच सकती है.

BPCL से सरकार बेंचेगी अपनी 52.98 फीसदी हिस्सेदारी
BPCL से सरकार बेंचेगी अपनी 52.98 फीसदी हिस्सेदारी

BPCL में हिस्सेदारी की बिक्री से केंद्र सरकार करीब 60 हज़ार करोड़ रुपे जुटा सकती है. इसमें सरकार अपनी 52.98 फीसदी कगी हिस्सेदारी बेंच रही है. बीपीसीएल देश की दूसरी सबसे बड़ी तेल कंपनी है. जिसकी बैलेंस शीट सबसे ज्यादा मजबूत है. ये कंपनी हमेशा से सरकार को मालामाल करती रही है.

देशभर में बीपीसीएल के करीब 17,138 पेट्रोल पंप हैं. सरकार के पास कंपनी के करीब 114.91 करोड़ शेयर हैं. बजट के दौरान सरकार ने ये एलान किया है कि BPCL के रणनीतिक खरीददार को कंपनी का प्रबंध नियंत्रण भी ट्रांसफर किया जाएगा. यानि आसान भाषा में कहें, तो जो कंपनी ये सरकारी शेयर खरीदेगी वो कंपनी इसकी मालिक बन जायेगी.

LIC सरकार बेंचेगी 25 फीसदी हिस्सेदारी
LIC सरकार बेंचेगी 25 फीसदी हिस्सेदारी

एलआईसी – जिंदगी के साथ भी और जिंदगी के बाद भी यानि LIC हमेशा से सरकार को फायदा कमा कर देती रही है. लेकिन बजट के दौरान वित्त मंत्री ने कहा कि अगले वित्त वर्ष में सरकार एलआईसी का आपीओ लांच करेगी. इसकी हिस्सेदारी बेंचने के लिए अभी सरकार को इसमें कुछ बदलाव करने की ज़रूरत है. बदलाव के बाद सरकार इसमें अपनी 25 फीसदी हिस्सेदारी कम करेगी.

AIR INDIA सरकार बेंचेगी पूरी हिस्सेदारी
AIR INDIA सरकार बेंचेगी पूरी हिस्सेदारी

एयर इंडिया – बुरी तरह कर्जदार सरकारी एयरलाइंस एयर इंडिया से सरकार भी अब उकता चुकी है और अगले वित्तीय वर्ष में वो इसे बेंचने में सफल रहेगी. सरकार इसकी पूरी हिस्सेदारी बेंचना चाहती है. कर्जे की बात करें तो वर्तमान में एयर इंडिया पर करीब 60,074 करोड़ रुपे का कर्ज है. लेकिन इसको खरीदने वाली कंपनी को इसके लिए मात्र 23,286.5 करोड़ रुपे ही चुकाने होंगे.

मुनाफे वाले बैंक को भी निजी हाथों में सौंपने की तैयारी
मुनाफे वाले बैंक को भी निजी हाथों में सौंपने की तैयारी

IDBI बैंक – एलआईसी, एयर इंडिया, बीपीसीएल के बाद सरकार की नज़र मुनाफे वाले बैंक आईडीबीआई पर भी है. आईडीबीआई बैंक में एलआईसी की 51 फीसदी हिस्सेदारी के साथ सरकार की 47 फीसदी हिस्सेदारी है. एलआईसी IDBI बैंक में अपना हिस्सा बेंचना चाहती है. सरकार का आईडीबीआई बैंक के साथ साथ सार्वजनिक क्षेत्र के दो दूसरे बैंकों और एक साधारण बीमा कंपनी के निजीकरण को भी साल 2021-22 में ही पूरा करने का प्रस्ताव है.

DIPAM ने बनाई मुनाफे वाली कंपनियों की बिक्री सूची
DIPAM ने बनाई मुनाफे वाली कंपनियों की बिक्री सूची

भारत में पहली बार सरकारी संपत्तियों की बिक्री शुरू होगी. DIPAM ने बिकने वाली सरकारी संपत्तियों की सूचि पहले से ही बना ली है. और तो और इस पर मंत्रालयों से भी पूर्व में ही सहमति ली जा चुकी है. सड़कें, एयरपोर्ट, बिजली ट्रांशमिशन लाइन, रेलवे के डेडीकेटेड कॉरिडोर को भी प्राइवेट कंपनियों को बेंचकर पैसा जुटाने का प्लान है. रेलवे समर्पित कॉरिडोर का इस्तेमाल करने के बाद परिचालन और रख रखाव के लिए इसकी परिसंपत्तियों का मुद्रीकरण करेगी. परिचालन और प्रबंध संबधी छूट के लिए हवाई अड्डों के अगले समूह का मुद्रीकरण भी किया जाएगा.

सरकार द्रारा परिसंपत्ति मुद्रीकरण कार्यक्रम के जरिए अमल में लाई जाने वाली दूसरी अवसंरचना संपत्तियां हैं –
1- NHAI द्वारा चालू की जा चुकी टोल रोड.
2- PGCIAL की पारेषण परिसंपत्तियां.
3- GAIL, IOCL और HPCL की तेल और गैस पाइप लाइनें.
4- टियर-2-3 शहरों में स्थित AAI के एयरपोर्ट
5- रेलवे की अन्यल अवसंरचना परिसंपत्तियां
6- सीपीएसई – केंद्रीय भंडारण निगम, नैफेड जैसी भंडारण परिसंपत्तियां समेत
7- खेल स्टेडियम भी बेंचकर सरकार पूंजि जुटाने की पूरी प्लानिंग कर चुकी है
. मतलब ये कि बजट में देश की आम जनता के हाथ कुछ आया हो या न आया हो लेकिन पूजंपतियों के लिए सरकार के खजाने की वो डायमंड चाबी हाथ लगी है जिसका उन्होंने ख्बाव में भी नहीं सोंचा होगा.

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