April 10, 2021

UK LIVE

ख़बर पक्की है

देहरादून से निकले टीचर अब चढ़ेंगे पहाड़

देहरादून में जमे शिक्षक अब चढेंगे पहाड़, हाई कोर्ट ने अपनाया सख्त रुख !

उत्तराखंड- देहरादून- हाल ही में हरिद्वार के शिक्षकों को उनके मूल स्कूलों में भेजने के बाद अब उत्तराखंड हाई कोर्ट ने देहरादून के शिक्षकों पर भी सख्त रुख अपनाया है। जिसके बाद देहरादून के 40 शिक्षकों को देहरादून के स्कूलों से मुक्त करने के बाद पहाड़ी स्कूलों में तैनात कर दिया गया है। कहा जा रहा है, कि शिक्षकों के लिए गए, इस फैसले से पहाड़ के स्कूलों में टीचरों की कमी की समस्या कुछ हद तक दूर हो सकेगी।

देहरादून के 40 शिक्षकों को देहरादून के स्कूलों से मुक्त करने के बाद पहाड़ी स्कूलों में किया तैनात
देहरादून के 40 शिक्षकों को देहरादून के स्कूलों से मुक्त करने के बाद पहाड़ी स्कूलों में किया तैनात

जानकारी के मुताबिक शिक्षा विभाग ने 21 नवम्बर 2016 को 500 से अधिक टीचरों को पिथौरागढ़, अल्मोड़ा, पौड़ी, उत्तरकाशी, चमोली और रुद्रप्रयाग जिलों से हरिद्वार, ऊधमसिंहनगर और देहरादून जैसे सुगम इलाकों में पदोन्नत किया था। जिसके बाद पारिवारिक स्थितियों का हवाला देते हुए, ये अध्यापक अपने मूल स्कूलों में जाने से बचते रहे। इसी बीच 19 नवम्बर 2020 में इन शिक्षकों की याचिका खारिज होने के बाद विभाग की ओर से इन्हें इनके मूल विद्यालयों में भेज दिया गया।
देहरादून के जिलाधिकारी की ओर से जारी सूची में वो शिक्षक शामिल हैं, जिनके मूल विद्यालय पौड़ी, नैनीताल, उत्तरकाशी, टिहरी गढ़वाल, चमोली और रुद्रप्रयाग हैं। जो कि पिछले चार सालों से अपने मूल स्कूलों को छोड़कर देहरादून में जमे हुए थे।

विभाग के इस फैसले से पहाड़ के स्कूलों में टीचरों की कमी की समस्या होगी दूर
विभाग के इस फैसले से पहाड़ के स्कूलों में टीचरों की कमी की समस्या होगी दूर

बेसिक शिक्षा के अपर निदेशक वीएस रावत ने बताया, कि धारा 27 के तहत मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित समिति तबादलों में छूट देता है। समिति तबादला एक्ट में व्यवस्था न होने के बाद भी छूट दे सकती है।

जिसके चलते शिक्षा विभाग में भूमि अधिग्रहण के नाम पर तबादलों में छूट का खेल खेला जा रहा है। नियमों के मुताबिक, एक स्कूल से दूसरे स्कूलों में हटाए जाने पर तबादलों में छूट की व्यवस्था है। लेकिन शिक्षा विभाग की ओर से भूमि अधिग्रहण वाले प्रस्ताव भी धारा 27 के तहत तबादलों में छूट के लिए भेजे जा रहे हैं। हैरानी की बात ये है, कि बिना विस्थापन के भी कई अध्यापक अपने ट्रांसफर्स में छूट पा चुके हैं। इनमें से 2016 में सुगम क्षेत्रों में विस्थापित होने वाले अध्यापक भी भूमि अधिग्रहण के नाम पर तबादलों में छूट पाने की सूची में शामिल हैं।

Share, Likes & Subscribe